On a completion of chanting, sit quietly for two or three minutes, absorbing the Electricity that was born through the mantra. इसलिए जिसको आपके साथ उन बुरी एनर्जी को जोड़ना होता है वह आपकी इन चीज का इस्तेमाल करता है. हे गौरी शंकरार्धांगिं! यथा त्वं शंकरप्रिया। दैत्या-दैत्यानी, भूता-भूतिनी, दानव-दानिवी, नीशा https://vashikaran97520.theobloggers.com/40049182/the-5-second-trick-for-bhairav